साइकिल चलाते चलाते मैं 30 किलोमीटर का सफर तय कर चुका था अभी तक । पहली बार इतनी दूरी तय करने पर भी मैं थका नहीं था । शायद यह मेरे छुट्टियों के खत्म होने का ग़म ही था जो मैं अपने बचे आखिरी दिन के पूरे समय को निचोड़ लेना चाहता था । मैं बिना किसी काम के आज इतना घूम रहा था, हालांकि मुझे नई जगहों को एक्सप्लोर करना काफी पसंद है और मैं अक्सर अपनी साइकिल लेकर नई जगहों पर निकल जाता हूं, पर इतनी दूर आज पहली बार निकला हूं। घर अब सिर्फ 2 किलोमीटर ही दूर था ............
इस बार की गर्मी की छुट्टियां मेरे लिए कुछ खास थी। इस बार ये सबसे लम्बी छुट्टियां थी, करीबन 2 महीने की। अक्सर मुझे लगता था कि काश मेरी छुट्टियां कुछ और लम्बी होती, पर इस बार मेरे को लगा कि काश मेरी छुट्टियां कुछ और लम्बी होती 🤣😂, मुझे गांव में रहना बहुत पसंद हैं।
कई जगहों पर गया, कई लोगों से मिला, कई शादियां अटैंड की, कई इवेंट छोड़े, कई नए रिश्ते बने, कई टूटे, कई नए नजरिए देखें, कई भावनाएं देखी, घमंड और अहंकार देखा, दो दिलों का प्यार देखा, क्रोध देखा, सद्भावना देखा, छल देखा, आने वाला कल देखा, डूबता सूरज देखा, उगता चांद देखा, तारों को देखा, हिम्मत हारो को देखा, मजबूरी देखी, श्रद्धा और सबूरी देखी, घना अंधेरा देखा, उम्मीदों का उजाला देखा, सबका साथ देखा, अकेलापन देखा, खुशी देखी, मायूसी देखी, आशियाने बनाते देखा, बर्बाद होते देखा, चेहरे की झुर्रियों को गहराते देखा जो मानो समय की बेदर्दी सह रहे थे, लौट के आजा ए वक्त, मानो यही कह रहे थे । दिल में प्यार देखा, आंखों में इंतजार देखा, नसों में क्रेज देखा, चेहरे पर तेज देखा, चिड़ियों को चहचहाते देखा, मोरों को नहाते देखा, पेड़ों को लहराते देखा, बच्चों को बहलाते देखा, आसमान की ऊंचाइयों को देखा, नहरों की गहराइयों को देखा, देखते देखते इन चीजों को मैं कहीं खो गया, थका हारा मैं, उस दिन सो गया।
इन सब के बीच दो लाइनें भी याद आती है जो आनंद की है,
जिंदगी..... कैसी है पहेली हाय,
कभी तो हंसाए, कभी ये रूलाए
कई लोगों से मेरी लड़ाइयां भी हुई, हालांकि मैं कभी किसी का दिल दुखाना या उनको रूलाना नहीं चाहता था, इनमें से जिससे मैं दिल से माफी मांगना चाहता हूं है मिट्ठी दूबे । अक्सर किसी दूसरे को बचाने के लिए किसी दूसरे को ग़लत ठहराना पड़ता है, आपके साथ भी कभी ऐसा होगा जब किसी की वजह से आपको अपने हाथ गंदे करने पड़ेंगे, ताकि आपका दोस्त अपने हाथ साफ रख सके। जिंदगी आपको भी कई ऐसे मौके देगी जब आपको दो में से किसी एक को चुनना होगा, और फिर आप सबको एक साथ खुश भी तो नहीं रख सकते । All I want to say is " I'm sorry ".
इन गर्मियों में कई नई मूवीज़ भी देखी, जिनका मैं बस फैन हो गया, अगर आपके पास समय हो तो आप भी जरूर देखिएगा, कुछ मेरी पसंदीदा थी -> वक्त, आनंद, गाइड, सत्या, अ वेडनसडे, द गाडफादर, फारेस्ट गम्प ।
एक किलोमीटर था मैं अपने घर से जब नेचर ने मुझे इन छुट्टियों का सबसे सुनहरा गिफ्ट दिया । बारिश शुरू हो चुकी थी। पहले तो मैंने सोचा कि साइकिल तेज चलाकर घर पहुंच जाता हूं, फिर साइकिल ने धोखा दिया, चेन उतर गई । शायद मेरी साइकिल भी चाहतीं थीं कि मैं सारे गिले-शिकवे भुलकर बारिश में भीग जाऊ ।

जबतक मैं कुछ सोचता या करता मैं पूरी तरह भीग चुका था। पास में एक घर के सामने रूककर मैंने चेन चढ़ाने की कोशिश की, काफी हताश होने के बाद सफल हुआ । क्योंकि यह पहली बारिश थी और इतनी जल्दी रूकने वाली थी नहीं, मैं साइकिल पर बैठा और घर की तरफ चलने लगा। कुछ दूर ही पहुंचा था तभी घर पर ही खाट बिछा बैठी एक दादी ने जोर से चिल्लाकर कहा " कहा जात है रे पनिया में, बेमार होई जइबे, रूक जो एही थियन " मैं उनके बारे में सोच ही रहा था कि एक हवा का झोंका तेजी से मुझे छूकर निकल गया और पूछता गया " कहा जा रहे हो ? " । जवाब में मैंने अपनी गति और बढ़ाई और दोनों हाथ साइकिल से हटा लिए, और अपने आप को हवा के हवाले कर दिया।