2018 की सीबीएसई परीक्षा, 3 नंबर का सवाल नंबर 18 पूछता है, "सममित द्वि उत्तल लेंस के लिए द्रव के अपवर्तनांक का व्यंजक x और y के पदों में प्राप्त करें..."
पढ़ते ही, ये नाम तो जाना पहचाना लग रहा है! दिमाग के उस कोने को खंगाला, जहां अजब-गजब ज्ञान का सामान भरा है, मानो कबाड़ में रेशमी कपड़ा ढूंढ रहा हूँ. पक्का याद है, दो दिन पहले यहीं Reformation के बारे में पढ़ते समय कहीं देखा था. पर अब कहाँ गया?
सब ज्ञान का सामान निकालकर टेबल पर फैला दिया - सूत्र, सिद्धांत, प्रयोग, अनुजा मैम की लेक्चर्स, सैद्धांतिक भौतिकी से लेकर क्वांटम क्रोमोडायनामिक्स तक; मगर उत्तल लेंस और वो भी सुई जैसा...ये कहाँ गुम हो गया यार? हैरानी होती है कि पेपर में तो ये नहीं पूछ रहे, पर पता नहीं ये सब ज्ञान दिमाग में भरकर कहाँ रख आता हूँ!
घंटी बजने के 5 मिनट बाद, घबराहट में सारा ज्ञान का सामान फिर से ひっくり返しました (ひっくりかえしました - hikkurakaeshimashita) कर डाला. और हाँ, एक कोने में वो सूत्र शांत बैठा हुआ मिला, अपने ही खयालों में खोया हुआ, इस बात से बेखबर कि उसने मुसीबत खड़ी कर दी है!
क्या ?! 5 मिनट भी हो गए!!
